ई-श्रम कार्ड से असंगठित कामगारों को मिला नया सशक्तिकरण
1. E- Sharam Card क्या है?
E- Sharam Card ई-श्रम कार्ड केंद्र सरकार का एक बड़ा प्रयास है, जिसके तहत देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों, श्रमिकों और अन्य वर्कर्स को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) मिलता है। इसका लक्ष्य है कि सभी को एक ही प्लेटफार्म पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और उनका डाटा एकत्र किया जा सके।
2. रजिस्ट्रेशन आंकड़े और प्रगति
12 अगस्त 2025 तक कुल 30.99 करोड़ से अधिक असंगठित कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करा लिया है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सरकार के अभियान का बड़ा असर हुआ है और देशभर में जागरूकता आई है। विशेष रूप से ग्राम स्तर पर CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) और सोशल मीडिया की मदद से यह तेजी आई। E- Sharam Card
3. ई-श्रम कार्ड की विशेषताएं
हर पंजीकृत व्यक्ति को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर मिलता है, जो जीवन भर मान्य रहता है। इसके माध्यम से किसी भी योजना या सरकारी सुविधा का लाभ-सतत मिल सकता है। पोर्टल पर श्रमिकों के डाटा को सुरक्षित तरीके से रखा जाता है।
4. लाभ- सरकारी योजनाओं का सीधा फायदा
एक बड़े बदलाव के तहत अब श्रमिकों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही जगह से मिल सकता है जैसे – पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम आवास, पीएम स्वनिधि, व आयुष्मान भारत आदि। इससे कागजी कार्यवाही काफी कम हो गई है और कामगार वर्ग को राहत मिली है। E- Sharam Card
5. जागरूकता और रजिस्ट्रेशन अभियान
सरकार ने सोशल मीडिया, न्यूज पोर्टल और ग्राम पंचायतों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया है। CSC की पहल पर ग्रामीण इलाकों में रजिस्ट्रेशन में काफी तेजी आई है। पंचायत स्तर के कर्मचारी और स्वयंसेवी भी श्रमिकों की मदद कर रहे हैं।
6. समस्याएँ और चुनौतियाँ
कुछ इलाकों में इंटरनेट सुविधा की कमी और डिजिटल साक्षरता के अभाव में कामगारों को रजिस्ट्रेशन में कठिनाई आती है। सरकार इन चुनौतियों को दूर करने के लिए अतिरिक्त ट्रेनिंग और मोबाइल वैन आदि का सहारा ले रही है। E- Sharam Card
7. सरकार की भविष्य की योजनाएं
सरकार आने वाले समय में डिजिटलीकरण को और तेज करने की योजना बना रही है। नए श्रमिकों और सेक्टर को भी ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने की तैयारी है। साथ ही, योजना है कि पोर्टल के माध्यम से सीधे वित्तीय सहायता दी जा सके।
8. निष्कर्ष
E- Sharam Card ने असंगठित कामगारों के लिए नया सशक्तिकरण लाया है। 30.99 करोड़ श्रमिकों का इस सिस्टम से जुड़ना इस दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। आने वाले समय में और भी योजनाएँ इसी पोर्टल से शुरू की जाएंगी।